जलालाबाद का नाम बदला, अब परशुरामपुरी | यूपी कैबिनेट के फैसले का ए.के. शर्मा ने किया स्वागत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद क्षेत्र के कस्बा जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम बताया।
शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, अब ‘परशुरामपुरी’ के नाम से होगी नई पहचान: ए.के. शर्मा
ए.के. शर्मा ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंत्रिपरिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला प्रदेश की जनता की भावनाओं, जनप्रतिनिधियों की मांग और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से भगवान परशुराम से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को नई पहचान मिलेगी।
लंबे समय से उठ रही थी नाम बदलने की मांग
मंत्री ने कहा कि शाहजहांपुर स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली और महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली का नाम मुगल शासनकाल में जलालाबाद कर दिया गया था। लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक इस पवित्र स्थल का नाम ‘परशुरामपुरी’ किए जाने की मांग कर रहे थे। अब मंत्रिपरिषद के फैसले से करोड़ों श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान हुआ है।
भारत सरकार की अनापत्ति के बाद मिली मंजूरी
ए.के. शर्मा ने बताया कि नगर विकास विभाग के प्रस्ताव पर भारत सरकार से अनापत्ति (NOC) मिलने के बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत करेगा तथा प्राचीन परंपराओं, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और जनभावनाओं को सम्मान मिले। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है।
