
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026” के दूसरे दिन शनिवार को जन भवन, लखनऊ में मैंगो बायर-सेलर मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भाग लिया।
इस अवसर पर आम उत्पादकों और निर्यातकों के बीच कई एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के आम उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ना, निर्यात को बढ़ावा देना तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि भारत के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश की लगभग 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने उद्योगपतियों से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) इकाइयों की स्थापना करने का आह्वान किया और कहा कि योगी सरकार इस क्षेत्र में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू होने के बाद प्रदेश के आमों के निर्यात को नई गति मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उद्यान मंत्री ने बताया कि प्रदेश की कुल कृषि भूमि में उद्यान फसलों का क्षेत्रफल केवल 9 प्रतिशत है, लेकिन उनका कृषि उत्पादन में 42 प्रतिशत और कृषि मूल्य में 52 प्रतिशत योगदान है। यह उत्तर प्रदेश में बागवानी क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने किसानों को आम की सुरक्षित तुड़ाई, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, निर्यात मानकों, ब्रांडिंग, प्राकृतिक खेती और कृषि स्टार्टअप की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादन और निर्यात बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।




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